
अंडे अब सिर्फ़ प्रोटीन का स्रोत नहीं रह गए हैं, बल्कि इनकी गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर भी सख्त नियम लागू हो रहे हैं। कई राज्यों में अंडों पर उत्पादन तिथि और एक्सपायरी डेट स्टैंप करना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि उपभोक्ता पुराने या खराब अंडे खरीदने से बच सकें। अंडे की एक्सपायरी डेट को नजरअंदाज करना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार, कमरे के तापमान (लगभग 28°C) पर अंडे 10-12 दिनों तक ताज़ा रहते हैं, जबकि फ्रिज में (4°C से कम तापमान पर) रखने पर ये 3 से 5 हफ्ते तक सुरक्षित रह सकते हैं। पैकेज्ड अंडों पर लिखी “बेस्ट बिफोर” या एक्सपायरी डेट आमतौर पर पैकिंग के 28-30 दिनों बाद की होती है। लेकिन अगर सही तरीके से स्टोर न किया जाए तो ये जल्दी खराब हो सकते हैं।
उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में 1 अप्रैल से हर अंडे पर उत्पादन और एक्सपायरी डेट की मुहर लगाना अनिवार्य हो गया है। पशुपालन और खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। इससे दुकानदार “ताज़ा अंडा” बताकर पुराने स्टॉक नहीं बेच पाएंगे। गोरखपुर और हमीरपुर जैसे इलाकों में भी इस नियम का सख्ती से पालन कराने की तैयारी है, जहां पहले स्टैंपिंग नहीं हो रही थी। नियम तोड़ने पर जुर्माना भी लगेगा।
खराब अंडे की पहचान कैसे करें…
1. एक गिलास ठंडे पानी में अंडा डालें। अगर डूबकर तल पर लेट जाए तो ताज़ा है। अगर सीधा खड़ा हो जाए या ऊपर तैरने लगे तो पुराना या खराब है।
2. अगर जर्दी फैल रही हो या तेज़ बदबू आए तो इस्तेमाल न करें।
3. पुराने अंडे में हल्की आवाज़ आती है क्योंकि अंदर हवा बढ़ जाती है।
खराब अंडा खाने से फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी-दस्त या साल्मोनेला संक्रमण का खतरा रहता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा फ्रिज में रखें, डिब्बे में ही स्टोर करें और एक्सपायरी डेट चेक करें। उपभोक्ताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है। एक दिल्ली निवासी ने बताया, “अब बाजार से अंडे खरीदते वक्त डर नहीं लगेगा कि पुराना तो नहीं मिल रहा।” स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नियम से अंडे से जुड़ी बीमारियों में कमी आएगी।






