
अयोध्या जनपद के खंडासा थाना क्षेत्र अंतर्गत खंडासा पुलिस चौकी इंचार्ज का पक्षी प्रेम को लेकर मानवता की मिसाल पेश करने का मामला सामने आया है। खण्डासा पुलिस चौकी इंचार्ज चिलचिलाती भीषण गर्मी में पंखा बंद कर फरियादियों की शिकायतें सुनते नजर आए।
मई माह में गर्मी का प्रकोप चरम पर है, पारा 40 डिग्री से ऊपर पहुंच रहा है। ऐसी स्थिति में आमतौर पर हर कोई पंखे या कूलर की ठंडी हवा का सहारा लेता है, लेकिन खण्डासा चौकी इंचार्ज बृजेंद्र मिश्रा ने इंसानी दर्द सुनने से पहले पक्षी मां की ममता को प्राथमिकता दी। चौकी इंचार्ज ने देखा कि झरोखे में एक गौरैया अपना घोंसला बना रही है। घोंसले में अंडे भी रखे हुए थे। पंखे से गौरैया को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ था। जिसके बाद चौकी इंचार्ज ने पंखा बंद करने का निर्णय लिया और गर्मी में बैठकर फरियाद सुनना शुरू कर दिया।
आपको बता दें कि अयोध्या जनपद के खंडासा पुलिस चौकी में गौरैया घोंसला बनाकर रह रही है। घोंसले में गौरैया के नन्हे मुन्ने बच्चों के लिए बार बार आना जाना लगा रहता है। पंखा चलने से गौरैया के घायल होने की संभावना बनी रहती है। इसी कारण चौकी इंचार्ज बृजेंद्र मिश्रा ने पंखा बंद कर गर्मी में बैठ कर सुनवाई करने का निर्णय लिया। इस कार्य की सराहना स्थानीय लोगों से लेकर सोशल मीडिया तक हो रही है। स्थानीय लोगों ने उनके इस कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।
पुलिस अधिकारी का यह संवेदनशील रवैया न केवल पर्यावरण संरक्षण की मिसाल है बल्कि यह भी दर्शाता है कि कर्तव्य के साथ-साथ छोटे-छोटे जीवों के प्रति करुणा भी जरूरी है। वन्यजीव एवं स्थानीय पक्षी प्रेमी और एनजीओ कार्यकर्ताओं ने इस घटना को सराहा। उन्होंने कहा कि आजकल शहरीकरण के कारण गौरैया जैसी आम प्रजातियां भी घोंसला बनाने के लिए जगह नहीं पा रही हैं। ऐसे में चौकी इंचार्ज का यह फैसला अन्य अधिकारियों और आम नागरिकों के लिए प्रेरणादायक है। लोग पुलिस की सकारात्मक छवि” का उदाहरण बता रहे हैं। खण्डासा चौकी इंचार्ज ने साबित कर दिया कि इंसानियत और प्रकृति संरक्षण दोनों को साथ लेकर चलना संभव है।






