
अयोध्या। भीषण गर्मी, धूल-मिट्टी और बढ़ते प्रदूषण के कारण अयोध्या में कंजंक्टिवाइटिस (आंख लाल) के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कुमारगंज स्थित 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में रोजाना करीब 40 मरीज आंखों की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में लगभग 300 मरीजों का इलाज किया जा चुका है।
कंजंक्टिवाइटिस के मुख्य लक्षण में आंखों का लाल होना, सूजन, खुजली और जलन के साथ लगातार पानी आना, चिपचिपा स्राव, सुबह पलकें चिपक जाना, तेज रोशनी से परेशानी और कुछ मामलों में धुंधला दिखना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
डॉ. एन.के. वर्मा (नेत्र चिकित्सक) और नेत्र परीक्षण अधिकारी रमेश कुमार के अनुसार, गर्म हवा, पसीना और धूल के कारण बैक्टीरिया-वायरस सक्रिय हो जाते हैं। यह संक्रमण आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है। बच्चों और बुजुर्गों में इसका प्रभाव सबसे अधिक देखा जा रहा है। डॉक्टरों की सलाह और बचाव के उपाय बताए गए हैं जिनमें आंखों को बार-बार हाथ न लगाएं, बाहर निकलते समय धूप का चश्मा जरूर पहनें, घर की सफाई नम कपड़े से करें ताकि धूल न उड़े,
एसी/कूलर का संतुलित उपयोग करें, संक्रमित व्यक्ति का तौलिया, तकिया या अन्य सामान साझा न करें तथा बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी आई ड्रॉप न लगाएं। गलत दवा से स्थिति बिगड़ सकती है। लक्षण दिखते ही तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें। यह संक्रमण आमतौर पर 7-10 दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन सावधानी न बरतने पर फैल सकता है।






