
उत्तर प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर की स्थापना प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। अब तक करीब 70.5 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के साथ ‘गो लाइव’ हो चुके हैं। इससे बिजली उपभोक्ताओं में टेंशन बढ़ गई है, क्योंकि अब बिजली इस्तेमाल करने से पहले रिचार्ज करना अनिवार्य हो गया है। बैलेंस खत्म होते ही कनेक्शन खुद-ब-खुद डिस्कनेक्ट हो जाता है।
पहले पोस्टपेड सिस्टम में महीने के अंत में बिल भरना पड़ता था, लेकिन अब उपभोक्ताओं को पहले पैसे जमा करने पड़ रहे हैं। ऐसे में कई उपभोक्ता इस दुविधा में फंस गए हैं कि पिछले बकाए को पहले चुकाएं या मौजूदा महीने की बिजली के लिए रिचार्ज कराएं।
इस समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान की है। विभाग ने घोषणा की है कि नेगेटिव बैलेंस (पिछला बकाया) वाले उपभोक्ताओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अब यदि कोई उपभोक्ता अपने नेगेटिव बैलेंस का कम से कम 50 प्रतिशत रिचार्ज करता है, तो तीन दिनों के लिए बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बहाल कर दी जाएगी।
इसके अलावा, बकाए की वसूली के लिए किस्तों में भुगतान की सुविधा पर भी विचार किया जा रहा है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बकाए की राशि के आधार पर हर रिचार्ज से एक निश्चित प्रतिशत (जैसे 10 हजार तक के बकाए पर 10%, 10-15 हजार पर 15% आदि) स्वतः काटा जाएगा, ताकि पूरा बकाया एक साथ चुकाने की मजबूरी न रहे।यूपीपीसीएल के अनुसार, यह कदम उपभोक्ताओं को प्रीपेड सिस्टम में आसानी से ढलने में मदद करेगा। साथ ही, यदि रिचार्ज करने के बाद 2 घंटे में बिजली बहाल नहीं होती, तो उपभोक्ता को 50 रुपये प्रतिदिन का मुआवजा भी मिलेगा।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे यूपीपीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या कस्टमर केयर से संपर्क कर अपना बैलेंस चेक करें और समय पर रिचार्ज करें। विभाग का कहना है कि यह व्यवस्था बकाया वसूली को सुचारू बनाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं की सुविधा को भी ध्यान में रखकर बनाई गई है।






