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हनुमान जी की पूजा के सात लाभ…प्रेत बाधा से मिलती है मुक्ति

हनुमान जी की पूजा करने से सारे संकटों से मुक्ति मिल जाती है। हिंदू धर्म में हनुमान जी की शक्तियों की व्याख्या देवता क्या भगवान श्रीराम ने स्वयं किया है। हनुमान जी को साहस और शक्ति का देवता माना जाता है जिन्होंने अपने बल, बुद्धि से रावण के खिलाफ युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी। मंगलवार का दिन हनुमान जी का प्रिय दिन है। इसके अलावा मंगलवार को हनुमान जी का जन्म होने के कारण भी उनकी पूजा की जाती है। इन्होंने हमेशा एक संकटमोचक की तरह अपनी भूमिका निभाई आइए जानते हैं हनुमान जी की पूजा कैसे करें और इनके पूजा का क्या लाभ है।

☀️ मन शांत भक्ति सेवाभाव

हनुमान जी की लगातार पूजा करने से मन एकाग्र होता है एवं व्यसनों से छुटकारा मिलता है, विकार एवं चिताओं से मुक्ति मिलती है। मनुष्य को प्रतिदिन हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए जिससे अपने जीवन में सुधार ला सके व भोग विलास एवं कामवासनाओं से छुटकारा पा सके। हनुमान जी की पूजा करने से आत्मविश्वास में दृढ़ता आती है भावनाओं में भक्ति पैदा होती है मन एकाग्र एवं चित्त शांत होते हैं सोचने समझने की एवं बौद्धिक क्षमता प्रबल होती है। मनुष्य को हनुमान जी की पूजा के साथ-साथ श्री रामचंद्र भगवान की पूजा करनी चाहिए जिसे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और भक्ति प्रदान करते हैं।

☀️ स्वास्थ में होता है सुधार

मनुष्य को हनुमान जी की पूजा करने से स्वास्थ्य में कई लाभ मिलते हैं। जिनके शरीर में कमजोरी एवं बीमारियां बनी रहती है उन्हें हनुमान जी की सेवा करनी चाहिए। जो न हनुमान जी की सेवा करता है उसे हनुमान जी का बल प्रदान होता है तथा हनुमान जी उसे निरोगी काया प्रदान करते हैं इसके लिए मनुष्य को भक्ति भाव से हनुमान जी की सेवा करनी चाहिए एवं बीज मंत्र का जाप करना चाहिए। मंत्र है– “नाशै रोग हरे सब पीरा जपत निरंतर हनुमत बीरा” इस मंत्र का प्रतिदिन 108 बार जाप करना चाहिए तत्पश्चात कटोरी में गंगाजल लेकर 3 बार फूंक मारकर ग्रहण कर लेना चाहिए। धीरे-धीरे शरीर में आराम लगने लगता है।

☀️ धन वैभव की प्राप्ति

हनुमान जी की पूजा याचना करने से धन वैभव की भी प्राप्ति होती है। साधक को प्रतिदिन हनुमान जी के पूजा के साथ साथ भोग अवश्य लगाना चाहिए। जिससे हनुमान जी की कृपा जल्दी बरसने लगती है। हनुमान जी को पूजा के साथ–साथ भोग में बेसन के लड्डू, पेड़ा, गुड़–चना तथा केला–सेब अत्यंत प्रिय है। जो मनुष्य प्रति दिन हनुमान जी को भोग लगाने के पश्चात प्रसाद ग्रहण करता है उसके ऊपर हनुमान जी जरूर कृपा बरसाते हैं। इसके साथ ही साधक को हनुमान जी के वानर रूपी सेना को केला एवं गुड़ चना खिलाना चाहिए। जिससे हनुमान जी की कृपा जल्दी बरसती है।

☀️ पढ़ाई में उत्तीर्ण होने के लिए

हनुमान जी की भक्ति करने से विद्यार्थियों को बहुत लाभ मिलता है। जो बालक पढ़ने में कमजोर है उसे हनुमान जी की सेवा अवश्य करनी चाहिए। विद्यार्थियों को सुबह उठकर स्नान करने के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और बीज मंत्र का जाप करना चाहिए। मंत्र है” गुरु ग्रह गए पढ़न रघुराई, अल्पकाल विद्या सब आई” इस मंत्र का 11–21 या 108 बार जाप कर हनुमान जी को चढ़ाए गए तिलक को लगाकर विद्यालय अथवा परीक्षा में जाना चाहिए।

☀️ शनि एवं ग्रह दोष से निवारण

हनुमान जी की पूजा करने से शनि दोष एवं ग्रह दोष से मुक्ति मिलती है। जो व्यक्ति मंगलवार को हनुमान जी के सामने 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ करता है और हनुमान जी के प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाकर पुष्प और नैवेद्य चढ़ता है। उसके सारे ग्रह दोष मुक्त हो जाते हैं और उसका जीवन आरामदायक व्यतीत होता है।

☀️ व्यापार में मिलता है बढ़ावा

जिस व्यक्ति के व्यापार में रुकावट आते हो उसे हनुमान जी को लाल चोला चढ़ाना चाहिए एवं हनुमान जी को नारियल अर्पित करना चाहिए। व्यापार करने वाले व्यक्तियों को मंगलवार को स्थानीय हनुमान मंदिर जाकर बेसन के लड्डू, नारियल एवं लाल चोला चढ़ाना चाहिए। लाल आसन पर बैठकर ॐ हं हनुमते नमः का १०८ बार जाप करना चाहिए। ऐसा करने से व्यापार में जल्द ही लाभ मिलता है।

☀️प्रेत बाधा से मिलती है मुक्ति

हनुमान जी की पूजा करने से मनुष्य को प्रेत बाधाओं से मुक्ति मिलती है। प्रेत बाधा से ग्रसित रोगियों को प्रतिदिन सुबह-शाम हनुमान जी का पूजा करनी चाहिए इसके साथ ही। प्रतिदिन हवन करना अनिवार्य माना जाता है। प्रेत रोगियों को हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, हनुमान बाहुक आदि का जाप करना चाहिए। हो सके तो माला लेकर १०७ बार हनुमान चालीसा का जाप करें। हमनुमान चालीसा का १०८ पाठ करने में 3 से 4 घंटे का समय लग सकता है। साथ ही कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ श्रीराम रक्षा स्त्रोत का पाठ करना भी लाभदायक होता है। पाठ के बाद घी, गुड़, जौ, तिल, अक्षत आदि का मिश्रण कर हवन में हनुमान जी के नाम से आहुति देनी चाहिए। जिससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। प्रेत रोगियों को धीरे धीरे आराम लगने लगता है।

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Disclaimer: यह जानकारी सिर्फ मान्यताओं आधारित है। सूर्या न्यूज़ इंडिया किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें सकते हैं।

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