मत्स्य मंत्री डॉ संजय निषाद व विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बृजेंद्र सिंह
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थिति मात्स्यिकी महाविद्यालय का भ्रमण व निरीक्षण के दौरान मत्स्य मंत्री डॉ संजय निषाद ने मत्स्य छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए उन्हें पूर्ण आश्वासन दिया
कुमारगंज अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज में चल रहे दो दिवसीय किसान मेले में मत्स्य मंत्री डॉ० संजय कुमार निषाद का आगमन मेले में दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में हुआ। उन्होंने मेले में लगे स्टाल का भ्रमण किया तथा मत्स्य शोध प्रक्षेत्र एवं मात्स्यिकी महाविद्यालय का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति एवं वरिष्ठ अधिकारी गण व महाविद्यालय के प्राध्यापक भी मौजूद रहे। मंत्री जी ने महाविद्यालय में भ्रमण के दौरान छात्रों से बातचीत की और वहाँ चल रहे शैक्षणिक एवं सह शैक्षणिक गतिविधियों को विस्तार से जानने का प्रयास किया।
इस दौरान छात्रों ने माननीय मंत्री जी से अपने भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की और पूर्व की भांति अपनी समस्याओं से अवगत कराया। मत्स्य छात्रों की प्रमुख समस्या हैं कि अपने प्रदेश में मत्स्य विभाग के विज्ञापित विभिन्न स्तर के तकनीकी पदों पर मत्स्य स्नातक (बैचलर ऑफ फिशरीस साइंस) के छात्रों को ना लेकर अन्य विषयों के छात्रों को लिया जाता हैं। जिनका मात्स्यिकी विषयों से कोई परिचय तक नहीं हैं। जबकि अपने प्रदेश में ही दो विश्वविद्यालयों आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या एवं चंद्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर में क्रमश: 2006-07 एवं 2014-15 से मात्स्यिकी महाविद्यालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा गठित अधिष्ठाता समिति की सिफारिशों से संचालित हैं। तथा प्रदेश के छात्र NTA द्वारा संचालित अखिल भारतीय कृषि विज्ञान प्रवेश परीक्षा में प्रतिभाग करके देश के अन्य प्रदेशों में भी अध्ययनरत हैं। एवं प्रदेश में प्रतिवर्ष मत्स्य स्नातक एवं परास्नातक छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही हैं। अपने भविष्य के लिए चिंतित मत्स्य छात्रों ने अपनी प्रमुख मांग मत्स्य विभाग उ० प्र० में विज्ञापित वह सभी पद जो मत्स्य विस्तार एवं तकनीकी क्षेत्र से संबंधित हैं। (मत्स्य निरीक्षक एवं मत्स्य विकास अधिकारी) उनकी न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता देश के अन्य प्रदेशों की भांति केवल चार वर्षीय मत्स्य स्नातक (बी० एफ० एससी०) एवं परास्नातक (एम० एफ० एससी०) किया जाए माननीय मत्स्य मंत्री जी के समक्ष रखी।
इस मुद्दे पर सम्यक विचारोपरांत माननीय मंत्री जी ने छात्रों से कहा कि आप लोगों की मांगे जायज हैं। एवं छात्रों के हित में आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही और भविष्य में मत्स्य विभाग में विज्ञापित मत्स्य निरीक्षक एवं मत्स्य विकास अधिकारी के पदों पर न्यूनतम अर्हता मत्स्य स्नातक (बी० एफ० एससी०) रखने के साथ ही साथ मत्स्य विभाग के रिक्त पदों पर जल्द ही विज्ञापन जारी करने का छात्रों को पूर्ण आश्वासन दिया। तत्पश्चात सूर्या न्यूज़ इंडिया की टीम ने मत्स्य मंत्री डा० संजय निषाद से मत्स्य पालन के अनुदान के बारे में तथा मत्स्य छात्रों की समस्या के निस्तारण का समय पूछा तो उन्होंने बताया कि 6 साल में पूरे 26 हजार करोड़ रूपए का अनुदान दिया गया है और मत्स्य छात्रों की मांगे जायज है उन्हे जल्द से जल्द पूर्ण की जाएगी।
विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ मत्स्य मंत्री डॉ संजय निषाद
ब्यूरो रिपोर्ट सूर्या न्यूज़ इंडिया