
मां कामाख्या धाम के पुजारी इंद्रेश कौशिक जी महाराज
रामनगरी अयोध्या के प्रमुख देवी मंदिरों में शुमार व आस्था का केंद्र सिद्ध पीठ मां कामाख्या भवानी मंदिर में 11 दिन तक राम उत्सव मनाया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर मंदिर में तैयारियां शुरू हो गई है मकर संक्रांति से रामोत्सव शुरू होकर प्राण प्रतिष्ठा तक चलेगा कामाख्या धाम में राम उत्सव की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं यहां पर 5100 राम ज्योति जलाई जाएगी गोमती घाट से लेकर कामाख्या मंदिर धाम मंदिर तक दीप प्रज्वलित किए जायेंगे। मंदिर के पुजारी आचार्य इंद्रेश कौशिक जी महाराज ने बताया कि 500 वर्ष के इंतजार के बाद आए इस गौरवपूर्ण पल को दीपोत्सव के माध्यम से आनंदमय बनाना है। विभिन्न सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, रामलाल के विग्रह प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में राम उत्सव कार्यक्रम के तहत तीन कथाओं का वर्णन किया जाएगा। 15 से 21 जनवरी तक जन-जन के राम कथा का रसपान कथावाचक इंद्रेश कौशिक महाराज जी कराएंगे। यह कथा दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक होगी, 20 जनवरी को मां कामाख्या धाम में कौशल्या के बाल राम कार्यक्रम का आयोजन होगा, 21 जनवरी को युवा राम पर राम कथा होगी, 22 जनवरी को मंदिर परिसर में पुरोहित व श्रद्धालु हनुमान चालीसा पाठ, राम नाम मंत्र जाप, राम स्तवन पाठ, पुरुष सूक्ति पाठ, गोमती आरती के बाद महा आरती एवं हवन कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा उन्होंने बताया कि मां कामाख्या भवानी का उल्लेख प्रमुख धार्मिक पुस्तक दुर्गा सप्तशती के प्रथम अध्याय में वर्णित है राजा सुरथ और समाधि वैश्य की तपस्या का यही स्थल बताया जाता है। यहां मां ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर दर्शन दिया था तभी से यहां पर मां महाकाली, मां सरस्वती व महालक्ष्मी पिंडी रूप में विराजमान है मा कामाख्या पिंडी रूप मंदिर परिसर में राजा सुरथ व समाधि वैश्य की मूर्ति अक्षयवट के नाम से आज भी स्थित है।




