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कृषि विश्वविद्यालय के छात्र का फांसी पर लटका मिला शव

छात्र के गाइड शिक्षक द्वारा उत्पीड़न किए जाने की चर्चाओं का बाजार गर्म

मिल्कीपुर अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर स्थित सरयू छात्रावास के कमरा नंबर 82 में अकेले रह कर एमएससी एग्रोनॉमी की पढ़ाई कर रहे 22 छात्र यशपाल सिंह का शव छत में लगे फैन हुक से गमछे के सहारे लटका मिला। घटना की जानकारी बाद विश्वविद्यालय में सनसनी फैल गई है। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे कुलपति ने पहले तो विश्वविद्यालय की जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाया और फिर एंबुलेंस बुलाकर काफी देर बाद कुमारगंज पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर प्रभारी निरीक्षक थाना कुमारगंज रतन सिंह एवं चौकी प्रभारी एनडीए उप निरीक्षक अरविंद पटेल के मौके पर पहुंचने के बाद युवक का शव फंदे से नीचे उतरवाया गया और इलाज के लिए विश्वविद्यालय परिसर स्थित हॉस्पिटल न ले जाकर 100 सैया संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया है पुलिस ने छात्र का शव कब्जे में लेकर पंचायत नामा करने के उपरांत पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बरेली जनपद के अमानपुर भगवतीपुर का निवासी छात्र यशपाल सिंह पुत्र मलखान सिंह विश्वविद्यालय के सरयू हॉस्टल की दूसरी मंजिल पर स्थित रूम नंबर 82 में अकेले रहकर एमएससी एग्रोनॉमी की पढ़ाई कर रहा था। सोमवार को करीब 2:30 बजे सीड साइंस एंड टेक्नोलॉजी के दो दोस्त छात्र उससे मिलने उसके कमरे पर गए जहां कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था दोनों दोस्तों ने कई बार आवाज दी लेकिन अंदर से कोई आहत नहीं मिली तब वह वापस लौट आए और अपने रूम पर खाना खाकर आराम किए पुनः करीब 4:30 बजे दोनों दोस्त छात्र शिव शंकर एवं संजीत यशपाल के रूम पर गए और कई बार आवाज लगे किंतु अंदर से कोई आवाज नहीं मिली इसके बाद दोनों दोस्तों ने हॉस्टल के कई छात्रों को मौके पर बुलाया और किसी तरह दरवाजा खुला जहां देखा कि यशपाल कमरे की छत में लगे फन हुक से गमछे के सहारे लटका हुआ है। इसके बाद दोनों छात्रों ने विश्वविद्यालय के सहायक समीर कुमार सिंह एवं चीफ वार्डन डॉक्टर शिवनाथ को सूचना दी। जानकारी पाकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बिजेन्द्र सिंह भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने काफी देर तक आपस में खिचड़ी पकाई तब जाकर क्षेत्रीय पुलिस को सूचना दी। छात्र यशपाल के दोस्तों का कहना है कि उसके गाइड डॉ विशुद्धानंद ने उसे छात्र की तीन बार मास्टर रिसर्च थिसिस रिजेक्ट कर दिया था और उसे पेपर वर्क को लेकर काफी हैरान परेशान किया करते थे। जिससे आहत होकर यशपाल ने आत्महत्या कर ली है। छात्र की मौत को लेकर अब विश्वविद्यालय में चर्चाओं का माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया है। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक के हॉस्टल रूम को सील कर दिया है और घटना की गहन छानबीन में जुट गई है। पुलिस ने छात्र के परिजनों को सूचना दे दी है। वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय में चर्चा है कि विश्वविद्यालय के जिम्मेदार शिक्षक ने जातीय भावना से ग्रसित होकर छात्र यशपाल के साथ दुर्व्यवहार किया जिसका परिणाम रहा की यशपाल ने मौत को गले लगा लिया।

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