
मिल्कीपुर विधानसभा सुरक्षित सीट पर उपचुनाव होना है निर्वाचन आयोग इसकी घोषणा जल्द करेगी। यह उपचुनाव यहां विधायक रहे अवधेश प्रसाद के सांसद निर्वाचित होने की वजह से होगा। सपा ने फैजाबाद संसदीय सीट से उनको उम्मीदवार बनाया था, उनके सांसद निर्वाचित होने के बाद उपचुनाव होना तय है। सदस्यता से इस्तीफा देने की 6 माह में आयोग के सामने उपचुनाव कराने की बाध्यता है। तीन राज्यों के चुनाव के साथ प्रदेश में उपचुनाव की संभावना जताई जाने लगी है। उससे पहले कलेक्ट्रेट मिल्कीपुर तहसील में फेर बदल की अटकलें भी शुरू है। वजह लोकसभा चुनाव में सट्टा रोड भाजपा का इस क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन ना होना। उपचुनाव की घोषणा से पहले तहसील के अधिकारियों में परिवर्तन तय माना जा रहा है तहसील के मौजूद थे हमले की निगरानी में सत्ता पक्ष चुनाव नहीं चाहता वह बदलाव चाहता है उसी से फेरबदल की अटकलें शुरू है। उपचुनाव के लिए अभी भाजपा व सपा को उम्मीदवार घोषित करना बाकी है।सपा में सांसद अवधेश प्रसाद के पुत्र अजीत प्रसाद को चुनाव में उम्मीदवार बनाया जाना पार्टी नेता लगभग तय मान रहे हैं। सांसद निर्वाचित होने से पहले अवधेश प्रसाद दो बार इस सीट से चुनाव जीते हैं इससे पहले वह सवाल सुरक्षित सीट से सात बार विधायक निर्वाचित हुए।2022 के विधानसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी अवधेश प्रसाद में भाजपा प्रत्याशी गोरखनाथ बाबा को पराजित किया था। अब देखना है कि भारतीय जनता पार्टी गोरखनाथ बाबा को उम्मीदवार बनाएगी या कोई नया चेहरा सामने आए लेगी फिलहाल अभी यह तय नहीं है। विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा से टिकट के कई दावेदार है। जिनमें पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ, भूतपूर्व विधायक रामू प्रिय, चंद्रभानु पासवान, चंद्रकेश रावत आदि है। चर्चा है पार्टी ऐसा उम्मीदवार उतारेगी जो मिल्कीपुर विधानसभा सीट को आसानी से जीत दिला सके।




