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बाजार में बिक रहे केमिकल से पके केले… कैसे करें पहचान

केला बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाला फल माना जाता है। साथ ही सबसे ज्यादा खाने वाले फलों में से एक है। इसमें एनर्जी फाइबर मिनरल्स विटामिन सहित कई गुण पाए जाते हैं। जो शरीर में सभी जरूर को आसानी से पूरा करता है। केला के नियमित सेवन से कई समस्याओं से निजात मिलता है इसके निर्माता सेवन से शरीर में एनर्जी मिलती है ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है एवं पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है आमतौर पर कला वजन घटाने में भी मददगार होते हैं केले में कैल्शियम की मात्रा अधिक होने से हड्डियों को मजबूती मिलती है। प्रतिदिन एक दो केले खाने से शरीर में ताजगी एवं फुर्ती बनी रहती है।

बाजार में इन दिनों केमिकल युक्त केलों की बिक्री काफी बढ़ गई है। जो काफी नुकसानदायक साबित हो रहे है तथा हमारे शरीर को कमजोर करने के साथ पाचन क्रिया को प्रभावित करते हैं। केमिकल युक्त केलों की पहचान करना आमतौर पर काफी मुश्किल माना जाता है।

आपको बता दे की केले को जल्दी पकने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का प्रयोग किया जाता है। जिससे केला जल्दी तो पक जाता है मगर इसके स्वाद बदल जाते हैं। इस केमिकल से पकाया हुआ केले का स्वाद फीका रहता है जो स्वस्थ के लिए काफी नुकसानदायक साबित होता है।

दूसरा है सोडियम हाइड्रोक्साइड जिसे केले को जल्दी पकने में इस्तेमाल किया जाता है इसके छिड़काव से केला कम समय में पक जाता है। मगर उसमें विटामिन मिनिरल्स आदि तत्व नष्ट हो जाते हैं। जो शरीर के लिए नुकसान देह साबित हो सकते हैं।

आईए जानते हैं केमिकल से पकाए गए केलों की क्या पहचान होती है।

1. केमिकल से पकाया हुआ केला संपूर्ण रूप से पीला रंग का नहीं होता। कहीं हरा तो कहीं पीला रंग का होता है।

2. केमिकल से पकाए गए केले का डंठल हरा होता है जबकि प्राकृतिक रूप से पके केले का डंठल काला हो जाता है।

3. कार्बाइड से पकाए गए केले का छिलका पतला होता है। जबकि नेचुरल तरीके से पके केले का छिलका मोटा और सख्त होता है।

4. कार्बाइड से पकाए गए केले का स्वाद बिल्कुल फीका होता है जबकि नेचुरल तरीके से पके केले का स्वाद बहुत मीठा होता है।

5. केमिकल से पका हुआ केला आधा कच्चा होता है जबकि प्राकृतिक रूप से पका हुआ केला पूरा पका होता है।

6. केमिकल से पकाए हुए केले जल्दी खराब हो जाते हैं। जबकि प्राकृतिक तरीके से पके केले कई दिनों तक सुरक्षित रहते हैं।

7. केमिकल से पके हुए केले का रंग हल्का पीला होता है। जबकि प्राकृतिक रूप से पके केले पर हल्के भूरे और काले रंग के धब्बे देखने को मिलते हैं।

तो कैसी लगी यह जानकारी यदि आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों को जरूर शेयर करें।

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