
अमानीगंज विकास खंड की नब्बे महिलाएं केला के रेशा से सोना बना रही है। विदित हो कि 16 मार्च 2024 से 10 जून 2024 तक नब्बे महिलाओं को बीस दिवसीय प्रशिक्षण ओंकार सेवा संस्थान द्वारा नाबार्ड के सहयोग से प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के उपरांत संस्था के द्वारा अमानीगंज विकास खंड के पूरे दला तथा मानुडीह में प्रदर्शन इकाई स्थापित की गई। उपरोक्त दोनों प्रदर्शन इकाई पर महिलाएं अपनी सुविधानुसार आकर उत्पाद तैयार करती है तथा संस्था के सहयोग से उसकी बिक्री सुनिश्चित की जाती है।

आचार्य नरेंद्र देव कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के प्रसार निदेशालय में आज चौधरी चरण सिंह जी के जन्मोत्सव कार्यक्रम में जो कि किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज के कार्यक्रम में पांच महिलाओं को विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉक्टर विजेंद्र सिंह जी के द्वारा अंग वस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली महिलाओं में सुनीता शुक्ला, अनीता तिवारी, संगीता मौर्य, विजय लक्ष्मी यादव, अनीता मौर्य की खुशी का माहौल है। वहीं कुलपति के द्वारा सम्मान प्राप्त करने से उनका मनोबल काफी बढ़ गया है तथा उन्हें उम्मीद है कि उन्हें अपने उत्पादों की बिक्री में भी विश्विद्यालय का सहयोग प्राप्त होगा।

कार्यक्रम समन्वयक सूर्य कुमार त्रिपाठी ने कहा कि केला उत्पादक किसानों को भी उपरोक्त कार्यक्रम से लाभ प्राप्त हो रहा है । एक एकड़ क्षेत्रफल में साढ़े बारह सौ पौध लगते है जिन्हें कटाई के उपरांत खेत से हटाने में लगभग बीस हजार की मजदूरी लगती है ऐसे में महिलाएं सीधे किसान के खेत से पौधा लाते है जिससे किसान को उपरोक्त मजदूरी से निजात मिल जाती है। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक कमलेश यादव के दिशा निर्देश में उपरोक्त कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। कमलेश यादव ने कहा कि शीघ्र ही नाबार्ड इन उत्पादों की बिक्री के लिए अयोध्या में एक दुकान उपलब्ध कराएगा।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर विजेंद्र सिंह, अधिष्ठाता उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय डॉक्टर संजय पाठक, अधिष्ठाता सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय डॉक्टर साधना सिंह, अधिष्ठाता प्रतिभा सिंह, चंद्र प्रकाश, उमाशंकर पाण्डेय सहित विश्वविद्यालय के सभी प्राध्यापक उपस्थित रहे।




